जिन्दगी तेरी भी, अजब परिभाषा है,
सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है।
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है,
पूरी उसी की होती है जो तकदीर लेकर आता है।
जिन्दगी तेरी भी, अजब परिभाषा है,
सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है।
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है,
पूरी उसी की होती है जो तकदीर लेकर आता है।
रात की इस ख़ामोशी में तुमसे प्यार भरी बात हो, उन प्यार भरी बातो में मेरा हाथ तुम्हारे …
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