ढह जाता है हकीकत की बारिश में अक्सर।
दूरियाँ भी क्या क्या करा देती है,
कोई याद बन गया,
कोई ख़्वाब बन गया।
बहुत थक सा गया हुँ खुद को साबित करते करते,
मेरे तरीके गलत हो सकते है मगर मेरी मोहब्बत नहीं.
ए खुदा क्या चीज मोहब्बत तू ने बनाईं हैं,
किसी को ये मिल जाती है और कोई सहता उम्र भर की तन्हाई है

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