नज़र और नसीब का भी क्या इत्तेफाक है यारों,नज़र उसे ही पसंद करती है,जो नसीब में नहीं होता।

नज़र और नसीब का भी क्या इत्तेफाक है यारों,
नज़र उसे ही पसंद करती है,
जो नसीब में नहीं होता।

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Heart touching